Ethiclogy

अनंत चतुर्दशी व्रत क्या हैं और यह क्यों महत्वपूर्ण माना गया हैं ?



              

भाद्रपद के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी को यह व्रत किया जाता हैं दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती हैं और पूजा के बाद अनंत धागा बांधा जाता हैं जिसे रक्षासूत्र कहा जाता हैं मान्यता हैं इस धागा को बांधने से मनुष्य की सभी परेशानियाँ खत्म हो जाती हैं | कहीं कहीं जगह पर इस दिन गणेश विसर्जन भी किया जाता हैं जिसके साथ गणेशोत्सव का समापन हो जाता हैं | इस व्रत का उल्लेख हमें महाभारत काल में भी मिलता हैं जहां भगवान श्री कृष्ण की सलाह से पांडवों ने अपने दुखों के समय में यह व्रत किया था जिससे उनके सारे दुःख नष्ट हो गए थे | इस दिन भगवान विष्णु की पूजा कर सूत या रेशम के धागे में 14 गांठ लगा कर उसमे कुमकुम लगाकर पूजा कर उसे कलाई में बांधा जाता हैं | इस धागे को ही अनंत धागा कहा जाता हैं इस धागे में 14 गांठ 14 लोकों का प्रतीक होते हैं |