Ethiclogy

भारत के बाहर भी स्थित हैं माता के कुछ शक्तिपीठ |



              

पुराणों के अनुसार माता सती के जहां भी अंग गिरे वहां शक्तिपीठों का उद्भव हुआ | इनमें से कुछ देश में तो कुछ देश की सीमा से बाहर ही गए | आइये जानते हैं विदेशों में स्थित ऐसे शक्तिपीठ - श्रीलंका - श्रीलंका जहां माता सती के नूपुर गिरे थे | परन्तु यह ठीक ठीक ज्ञात नहीं हैं कि किस स्थान पर गिरे थे | गण्डकी शक्क्तपीठ - नेपाल में गण्डकी नदी के किनारे उद्गम पर स्थित हैं यहां माता सती के कपोल गिरे थे | गुहेश्वरी शक्तिपीठ - यह शक्तिपीठ भी नेपाल के काठमांडू में स्थित हैं जो पशुपतिनाथ मंदिर के ही निकट हैं यहां माता के दोनों घुटने गिरे थे | यहां की जाने वाली साधना अमोघ मानी जाती है | हिंगलाज शक्तिपीठ - पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रान्त में स्थित हैं यह शक्तिपीठ | यहां माता का ब्रह्मरंध्र (सिर ) गिरा था , अत :यह स्थान अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं यहां माता हिंगलाज देवी के नाम से प्रसिद्ध हैं | मानस शक्तिपीठ - तिब्बत में स्थित मानसरोवर झील के किनारे पर ही मानस शक्तिपीठ स्थित हैं | यहाँ माता सती की दायी हथेली गिरी थी।, यहां माता को दाक्षायणी के पूजा जाता हैं | सुगंध शक्तिपीठ - बांग्लादेश के खुलना में सुगंध नदीं के किनारे स्थित हैं माता का सुगंध शक्तिपीठ , यहां माता सती की नासिका गिरी थी | करतोया शक्तिपीठ - बांग्लादेश के ही भवानीपुर के बेगड़ा में करतोया नदीं के तट पर माता सती का वाम तल्प गिरा था | भवानी मंदिर शक्तिपीठ - बांग्लादेश के चटगांव के करीब चंद्रशेखर पर्वत पर भवानी शक्तिपीठ स्थित हैं ,यहां माता सती की दाहिनी भुजा गिरी थी | यशोर शक्तिपीठ - बांग्लादेश के जैसोर खुलना में स्थित हैं माता का यह शक्तिपीठ | यहां माता सती की बायीं हथेली गिरी थी |