Ethiclogy

क्यों हम अपने पिछले जन्म को याद नहीं रख पाते?



              

एक व्यक्ति विभिन्न योनियों को पार करके मनुष्य योनि में जन्म लेता है, धार्मिक शास्त्रों में मनुष्य योनि ऐसी योनि है जिसे सर्वश्रेष्ठ माना गया है। कहते हैं कि मनुष्य रूप में जन्म लेकर ही इंसान खुद को जन्म-मरण के चक्र से मुक्त कर सकता है। खुद को ईश्वर को समर्पित करके वह मोक्ष की प्राप्ति कर सकता है, लेकिन मोह-माया में फंसा मनुष्य अपने इस योनि में आने के मकसद को भूल जाता है। वैज्ञानिकों की मानें तो कैमिकल ऑसीटॉसिन नामक एक चीज़ जो गर्भधारण या फिर एक गर्भवति महिला से जुड़ी होती है, यह वस्तु गर्भधारण के समय ही मां के गर्भ में निकल जाती है। यदि यह तत्व शिशु के साथ ही मां के गर्भ से बाहर आए तो वह अपने पिछले जन्म की सभी बातों को साफ-साफ याद रख सकता है। इसके बाद पिछले जन्म की यादों को भूल जाने की तीसरा कारण प्राकृति से जुड़ा है, जिसके अनुसार यह के मानसिक बात है कि हम पिछले जन्म की बातों को भूल जाते हैं क्योंकि मनुष्य का दिमाग बुरी बातों को भूलने के लिए बना है। लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें अपने पिछले जन्म की बातें याद रहती हैं। वे कहां रहते थे, उनका क्या नाम था, उनके माता-पिता कौन थे, उन्हें यह याद आ जाता है। शोधकर्ताओं के अनुसार यह सारा खेल ‘कर्मों’ का है.... उस विशेष आत्मा के कर्म उसे उसके पिछले जन्म की ओर खींचकर ले जाते हैं। उनके उन जन्म में कुछ तो ऐसा हुआ होता है जो उन्हें अगले जन्म तक भी उन बातों को भूलने नहीं देता।