Ethiclogy

अधर्म का साथ देने पर भी कर्ण को मिला मोक्ष



              

महाभारत कथा में कर्ण ना सिर्फ एक शूरवीर योद्धा माना जाता है, बल्कि वह अपने योद्धा से गुणों से भी कहीं बढ़कर दानवीर माना जाता है। एक बार नहीं, बल्कि कई बार अपनी दानवीरता की परीक्षा में वो सफल हुआ, यहां तक कि कौरवों के विरुद्ध होने के बावजूद श्रीकृष्ण भी कर्ण की इस दानवीरता से बहुत प्रभावित थे। इतिहास में शायद इतना बड़ा दानवीर कोई और नहीं हुआ, किंतु मरते हुए कर्ण को उसके इसी गुण ने अपने जीवन काल में अधर्म का साथ देने के बावजूद मोक्ष की प्राप्ति कराई।