Ethiclogy

सृष्टि के प्रथम पुरुष और स्त्री कौन थे?



              

हिन्दू धर्म के अनुसार मनु संसार के प्रथम पुरुष थे। प्रथम मनु का नाम स्वयंभूव मनु था इनके साथ संसार की प्रथम स्त्री थी शतरूपा। यह दोनो ही संसार के प्रथम स्त्री और पुरुष थे। सुख सागर के अनुसार पृथ्वी पर मनुष्य की उत्पत्ति के लिए ब्रम्हा जी ने अपने शरीर के दो भाग किये। एक भाग से प्रकृति(शतरूपा) और दुसरे से पुरुष(स्वयम्भुव मनु) उत्पन्न किये।`इन्ही प्रथम पुरुष और स्त्री की संतानों से इस संसार में समस्त जनों की उत्पत्ति हुई। मनु की संतानें होने के कारण वह मानव या मनुष्य कहलाये। मनु को आदि भी कहा जाता है क्योकि आदि का अर्थ होता है प्रारम्भ। कहते है देविका नदी के तट पर मनुष्य जाति की उत्पत्ति मानी जाती है, प्रमाण यही कहते है कि मनुष्य जाति की उत्पत्ति भारत के उत्तराखंड अर्थात ब्रम्हावर्त क्षेत्र में हुई थी। ब्रम्हा के 1 दिन को कल्प कहते है, एक कल्प में 14 मनु हो जाते है। एक मनु के काल को मन्वन्तर कहते है वर्तमान में वैवस्वत मनु 7 वें मनु है। हिन्दू धर्म में मनु के कुल में ही आगे चलकर कुल 14 मनु हुए। मनु और शतरूपा के कुल पांच संताने हुई जिनमे से दो पुत्र प्रियव्रत और उत्तानपाद और तीन कन्याएं आकूर्ति, प्रसूति, और देवहूती। आकूर्ति का विवाह रूचि प्रजापति के साथ प्रसूति का विवाह दक्ष प्रजापति के साथ और देवहुति का विवाह कदर्म प्रजापति के साथ हुआ। माना जाता है इन्ही तीनों की संतानों से संसार में मानवों की वृद्धी हुई।