Ethiclogy

पूर्वजन्म की किस गलती का दंड मिला था सूतपुत्र कर्ण को



              

कुंती का पुत्र होने के कारण कर्ण का नाम भी पांडवों में शुमार था। पांडवों में ज्येष्ठ होने के बावजूद हालातों ने कर्ण को एक सूतपुत्र बना दिया। एक अच्छा योद्धा और अर्जुन से भी बेहतर धनुर्धर होने के बावजूद कभी भी कर्ण को वह सम्मान नहीं मिला जिसका वह हकदार था। कारण, कर्ण एक सूतपुत्र था। सदैव धर्म की राह पर चलने वाला कर्ण एक महान योद्धा और एक समर्पित मित्र था। यह जानते हुए भी कि दुर्योधन अन्याय का ही एक नाम है, कर्ण ने अपनी आखिरी सांस तक दुर्योधन का साथ दिया। लेकिन फिर भी कभी कर्ण को वह सम्मान नहीं हासिल हुआ, जिसक वो हकदार था। कर्ण ने पूरे जिन्दगी सिर्फ कष्ट ही भुगते। आप जानते हैं यह सब कर्ण के पूर्व जन्म में किए पापों का बोझ ही था। जाने आगे की स्लाइड में-